Nipah Virus Kya Hai Iske Lakshan Bachne Ke Upay Aur Upchar

Nipah Virus Kya Hai Iske Lakshan Bachne Ke Upay Aur Upchar?  Nipah virus 10 साल बाद भारत में फिर आ गया है। 2007 में यह Nipah Virus पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी नजर आया था। अब यह केरल में फेल रहा है। निपाह virus जानवरों और इंसानों दोनों के लिए जानलेवा है। यह वायरस सबसे पहले सिंगापुर-मलेशिया में 1998 और 1999 में नजर आया था।

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यह सबसे पहले सुअर, चमगादड़ या अन्य जीवो को प्रभावित करता है। और इसके संपर्क में आने पर मनुष्य को भी अपने चपेट में ले लेता है। मलेशिया में सबसे पहले इसके Lakshan दिखाई दिए थे। जब एक व्यक्ति को इस बिमारी ने अपनी चपेट में लिया और उसकी मौत हो गई थी। अगर अभी हम भारत की बात करे तो ये अभी केरला में पाया गया। वहा कुछ मरीजो में इस बिमारी के Laksan पाए गए है।

अचानक हुए इस बिमारी अटैक को डॉक्टर भी नहीं समझ पाए जिसके चलते करीब 8 लोगो की जान केरला में चली गई। बाद में पाया गया की इन 8 लोगो में से 3 लोगो की जान Nipah Virus से गई है। इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है की सरकार इस बीमारी का सामना करने की भरपूर कोशिश कर रही है, इसके साथ लोगो को ज्यादा न डरने की सलाह दी जा रही है।

निपाह वायरस ( Nipah Virus ) क्या है Iske Lakshan Bachne Ke Upay Aur Upchar

Nipah Virus Kya Hai Iske Lakshan Bachne Ke Upay Aur Upchar? WHO के अनुशार 1998 में मलेशिया में पहली बार Nipah Virus का पता लगा था। मलेशिया के सुंगई निपाह गाव के लोग सबसे पहले इस virus के संपर्क में आये थे। इस गाव के नाम पर ही इस virus का नाम निपाह रखा गया। उस दोरान एसे किसान इस बिमारी से संकर्मित हुए थे जो सुअर पालन करते थे।

मलेशिया मामले की रिपोर्ट के मुताबित पालतू जानवरों जेसे कुत्ता, बिल्ली, बकरी, घोड़े से भी इन्फेक्शन फेलने के मामले सामने आये थे। Nipah Virus एक जूनोटिक virus है इस बिमारी से पीड़ित मरीजो में बहुत से प्रकार के Lakshan दिखाई देते है सांस लेने में तकलीफ, दिमागी बुखार। इसके अलावा ये बिमारी अन्य जानवरों को भी अपना शिकार बनाता है जेसे की सुअर चमगादड़ आदि। Nipah Virus ने बहुत ही कम जगहों पर अभी तक हमला बोला है। लेकिन यह बहुत ही जल्दी लोगो में फेल जाता है जिस से यह बहुत ही जल्दी पशुओ और इंसानों को अपना शिकार बनाता है जिस से काफी हानि होती है

Nipah Virus कहा से आया है?

यह बिमारी सबसे पहले मलेशिया के सुंगई निपाह गाव में 1998 में पाया गया था। उस वक्त वहा दिमागी बुखार का संक्रमण बहुत ज्यादा फेला हुआ था। यह virus पहले चमगादड़ और फिर इंसानों और जानवरों में फेल गई इस बीमारी के चपेट में आने वाले ज्यादातर लोग सुअर पालन केंद्र में काम काम करने वाले लोग आये।

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यह बीमारी एसे फलो से इंसानों में फेल जाती है जो चमगादड़ के संपर्क में आये हो यह virus संक्रमित इंसान से श्वस्थ इंसान में बड़ी आसानी से फेल जाता है। 2001 में भी यह बिमारी बांग्लादेश में दिखा था उस वक्त वहा के कुछ लोगो ने चमगादड़ के संपर्क में आये फल को खा लिया था जिनके कारण यह virus उन लोगो में फेल गया था और फिर एक दुसरे इंसानों में फेलने लग गया था।

निपाह वायरस ( Nipah Virus ) कैसे फेलता है?

Nipah Virus Kya Hai Iske Lakshan Bachne Ke Upay Aur Upchar? विशेषज्ञों के अनुसार यह virus चमगादड़ से फेलता है। इन्हें फ्रूट बैट कहते है जब चमगादड़ किसी फल को खा लेता है  उसी फल या सब्जी को कोई इंसान या जानवर खा लेता है तो उस इंसान और जानवर में भी यह virus आ जाता है।  Nipah Virus इंसानों के अलावा जानवरों को भी प्रभावित करता है इसकी अभी तक कोई दवाई नहीं बन पाई है।

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Nipah Virus की सुरुआत तेज सर दर्द और बुखार से होता है Nipah Virus मनुष्यों के संक्रमित सुअर, चमगादड़ या अन्य संक्रमित जीवो के सम्पर्क में आने से फेलता है। खजूर की खेती करने वाले लोग इस इन्फेक्शन के संपर्क में जल्दी आते है।

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2004 में इस बिमारी की वजह से बहुत लोग प्रभावित हुए थे। Nipah Virus लोगो के स्राव और विसर्जन के साथ निकट संपर्क माध्यम से फेल सकता है। एक इंसान से दुसरे इंसान के संपर्क में आने से फेल सकता है। संक्रमित चमगादड़ द्वारा खये गए फल खाने से भी फेल सकता है। ताड़ और खजूर रस भी Nipah Virus का कारण बन सकते है अगर किसी चमगादड़ ने उसे खाया हो।

निपाह वायरस ( Nipah Virus ) के Lakshan क्या है?

  • सबसे पहले तो यह बिमारी किसी भी Lakshan के बिना मनुष्यों में हो सकता है।
  • इसमें दिमागी बुखार आना, गले में दर्द होना, सर में दर्द होना, उलटी आना
  • पेट में दर्द होना मांसपेशियों में दर्द होना कुछ आम संकेत है।
  • संक्रमण श्वास लेने में तकलीफ होना
  • मस्तिष्क में सुजन आना, चक्कर भी आ सकते है
  • गंभीर मामलो में दौरे आने का खतरा भी रहता है। एसा होने पर 24 से 48 घंटो के भीतर कोमा की स्थिति भी जाग्रत हो सकती है।
  • यह Lakshan 1-2 हफ्ते भी दिखाई दे सकते है।
  • मानसिक भ्रम पैदा हो सकता है।
  • घबराहट होने लगती है मन बैचेन रहने लगता है।

निपाह वायरस ( Nipah Virus ) से कैसे बचे? ( Bachne Ke Upay )

Nipah Virus एक ऐसी  बिमारी है जिसका अभी तक कोई खास Upchar नहीं है। Nipah Virus से बचाव ही उसका सबसे बड़ा Upchar है। इसकी कुछ एलोपेथिक दवाई है लेकिन उनका कोई ख़ास असर देखने को नहीं मिला। अगर आप के नजदीक कोई व्यक्ति बिमारी से पीड़ित है तो उसे देर न करते हुए तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाये और संक्रमित व्यक्ति को डॉक्टर की कड़ी निगरानी में रखे।

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जानवर जैसे की चमगादड़, सुअर के संपर्क में न आये। कच्चे खजूर के रस न पिए और निचे गिरे फल न खाए और कोई भी आधा खरोचा फल न खाए। चमगादड़, सुअर की लार व पेशाब के संपर्क में आने से बचे और जिन इलाको में virus फेल गया है उस इलाके में जाने से बचे। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी बचे। सावधानी ही इस बिमारी का सबसे बड़ा Upchar है।

निपाह वायरस ( Nipah Virus ) का Upchar क्या है?

Nipah Virus एक बहुत ही खतरनाक बिमारी  है जिसका विज्ञानं के पास कोई Upchar नहीं है। Nipah Virus एक ऐसी  बिमारी  है जिसका कोई दवाई अभी तक नहीं है। इसलिए इस बिमारी का सबसे पहला Upchar तो यह है की हमें बिमारी से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में नहीं आना चाहिए और virus वाले किसी भी स्थान पे नहीं जाना चाहिये क्यों की सावधानी ही इस बिमारी का सबसे बड़ा Upchar है Bachne Ke Upay है।

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